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किडनी स्‍टोन के खतरे को बढ़ा रहा है कोल्‍ड ड्रिंक का सेवन



पानी की बजाय कोल्‍ड ड्रिंक पीने से बढ़ता है किडनी स्‍टोन का खतरा।
फैट और कार्बोहाइड्रेट युक्‍त आहार से भी बढ़ती है स्‍टोन की समस्‍या।
किडनी स्‍टोन के रोगियों में 30 फीसदी हैं 25 से 35 वर्ष के युवा।
यूरिनेशन में दर्द होना व जी मिचलाना किडनी स्‍टोन का आम लक्षण है।

आपको भी कोल्‍ड ड्रिंक इतनी अच्‍छी लगती हो कि आप उसके आगे खाना भूल जाते हों। लेकिन आपकी यह पसंद सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। शीतल पेय के ज्‍यादा सेवन से युवाओं में किडनी स्टोन के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।

अध्‍ययन से पता चला है कि युवाओं में खाने के साथ पानी की बजाय सॉफ्ट ड्रिंक लेने का चलन बढ़ा है। जिसका स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है और लोग कम उम्र में ही किडनी स्‍टोन की समस्‍या से ग्रसित हो रहे हैं। सूखे मेवे, चॉकलेट और जंक फूड का इस्‍तेमाल भी समस्‍या को बढ़ा रहा है।

सर्वे में यह भी पाया गया कि घर से दूर रहने वाले युवाओं को स्‍टोन संबंधी समस्‍या ज्‍यादा होती है। पर्याप्‍त पानी पीना, हरी सब्जियों का सेवन, दूध पीना और जंक फूड खाने से परहेज करना आपको इस समस्‍या से दूर रख सकता है। किडनी स्‍टोन की समस्‍या में पसली के नीचे व किनारे की तरफ तेज दर्द होता है।

यह दर्द थोड़ी-थोड़ी देर में घटता-बढ़ता रहता है। किडनी स्‍टोन के लक्षणों में यूरिनेशन में दर्द और उल्‍टी या जी मिचलाने की समस्‍या होना आम बात है।

कम पानी पीने के साथ ही फैट और कार्बोहाइड्रेट युक्‍त आहार खाने से भी स्‍टोन यानी पथरी की समस्‍या बढ़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गुर्दे में पथरी की समस्‍या से ग्रसित मरीजों में 30 फीसदी 25 से 35 वर्ष की आयु वाले हैं।


August 3, 2017